एक शख्स की फोटो काफी वायरल हो रही है। उन्हें कैंसर है और वो कीमोथेरेपी सेशन के दौरान बैठकर नौकरी के लिए इंटरव्यू दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि कैंसर के दौरान किस तरह से उन्हें नौकरी नहीं मिल रही। वो सहानुभूति नहीं चाहते, बल्कि वो यह चाहते हैं कि वो खुद को साबित कर पाएं।

झारखंड के रहने वाले हैं वो
बता दें कि इनका नाम अर्श नंदन प्रसाद है। वो झारखंड के जमशेदपुर के रहने वाले हैं। उन्होंने लिंक्डइन पर अपनी कहानी शेयर की है। उन्होंने बताया कि किस तरह से कैंसर जैसी बीमारी से जूझने के साथ-साथ उन्हें नौकरी के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है।
नहीं है किसी की सहानुभूति की जरूरत
अपनी इस पोस्ट में उन्होंने लिखा है कि उन्हें इस बीमारी के दौरान किसी की सहानुभूति की जरूरत नहीं है। बल्कि वो खुद को दुनिया के सामने साबित करने की तमन्ना रखते हैं। वो बताते हैं कि जैसे ही रिक्रूटर्स (नौकरी देने वाले) को यह पता चलता है कि उन्हें कैंसर है, तो उनके चेहरे के हावभाव ही बदल जाते हैं।
मिल गई उन्हें नौकरी
अर्श की पोस्ट पर लोगों ने काफी रिएक्शन दिए। उन्होंने उनकी हिम्मत की सराहना की। यहां तक कि महाराष्ट्र की एक कंपनी के सीईओ निलेश सातपुते (Nilesh Satpute) ने सीधे उन्हें नौकरी के लिए ऑफर दिया। वो लिखते हैं, 'तुम एक वॉरियर हो। प्लीज ट्रीटमेंट के दौरान इंटरव्यू मत दो। मैंने तुम्हारा परिचय पत्र देख लिया है। तुम काफी मजबूत हो। कभी भी ज्वाइन कर सकते हो, किसी भी तरह के इंटरव्यू की जरूरत नहीं है।'
यूजर्स हुए इंस्पायर
कुछ यूजर्स ने उन्हें कैंसर से लड़ने के लिए हिम्मत दी। वहीं कुछ यूजर्स उनकी कहानी को सुनकर इंस्पायर हुए। तो आपका क्या कहना है अर्श नंदन प्रसाद की प्रेरणादायक कहानी को लेकर?
Post a Comment