नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में कई मुद्दों को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है और दोनों सदनों में जमपर अपनी आवाज बुलंद कर रही है। वहीं सरकार आरोप लगा रही है कि विपक्ष सदन की कार्यवाही को बाधित कर रही है। हंगामा करके कामकाज नहीं करने देना चाहती है।
इस बीच अब संसद में ही विपक्षी दलों की बैठक जारी है। इस बैठक में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, अधीर रंजन चौधरी, गौरव गोगोई, द्रमुक सांसद टीआर बालू, राकांपा सांसद सुप्रिया सुले और बसपा, नेशनल कांफ्रेंस, केरल कांग्रेस, माकपा, आरएसपी, आईयूएमएल के अन्य सांसद मौजूद हैं। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, विपक्षी दल पेगासस जासूसी विवाद को लेकर रणनीति बना रहे हैं ताकि सरकार को घेरा जा सके और इसकी न्यायिक जांच हो सके।
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बता दें कि पेगासस जासूसी मामले को लेकर विपक्ष मांग कर रही है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में इसकी जांच कराए। लेकिन सरकार पेगासस जासूसी को सरकार को बदनाम करने की एक साजिश बताकर सभी आरोपों को खारिज कर रही है। अब इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव बढ़ने की पूरी संभावना है।
राहुल गांधी समेत विपक्ष के कई नेताओं की हुई जासूसी!
मालूम हो कि पेगासस सॉफ्टवेयर के जरिए जासूसी किए जाने के संबंध में विपक्ष सरकार पर आरोप लगा रही है। जिन लोगों की जासूसी की गई उनमें राहुल गांधी, ममता बनर्जी के भतीजे और सांसद अभिषेक बनर्जी, प्रशांत किशोर समेत कई नेताओं, समाजिक कार्यकर्ता, वैज्ञानिक, पूर्व चीफ जस्टिस, पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त, पत्रकारों आदि के नाम शामिल है।
विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने सभी की जासूसी कराई है। हालांकि, सरकार इन सभी आरोपों से इनकार कर रही है और इसे अंतर्राष्ट्रीय साजिश करार दे रही है। इधर बीते दिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पेगासस जासूसी की जांच को लेकर एक आयोग का गठन किया है, जिसमें दो जज शामिल हैं। वहीं मंगलवार को ममता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पेगासस जासूसी विवाद पर एक सर्वदलीय बैठक बुलाए और इसकी जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराई जाए।
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