Palestine: किसान को खेत में मिला 4500 साल पुरानी रहस्यमय मूर्ति का सिर, 'सुंदरता की देवी' को पूजते थे लोग Curated by योगेंद्र मिश्रा | नवभारतटाइम्स.कॉमUpdated: 28 Apr 2022, 11:32 am

Canaanite goddess Anat: खेत में काम करने के दौरान एक फिलिस्तीनी किसान को 4500 साल पुरानी कनानी देवी अनात की मूर्ति का सिर मिला है। जिस किसान को यह मूर्ति मिली थी पहले उसने इसे बेचने का मन बनाया था। लेकिन जब उसे पुरातात्विक कीमत के बारे में पता चला तो उसने इसे सरकार को दे दिया।

godess
खुदाई के दौरान मिली मूर्ति। (साभार-ट्विटर)

हाइलाइट्स

  • फिलिस्तीनी किसान को 4,500 साल पुरानी मूर्ति मिली है
  • ये मूर्ति कनानी देवी अनात की है
  • फिलिस्तीन के एक म्यूजियम में अब इसे रखा जाएगा
गाजा: अपने खेतों में काम करने के दौरान एक फिलिस्तीनी किसान को 4500 साल पुरानी कनानी देवी अनात (Canaanite goddess Anat) की मूर्ति मिली है। हालांकि यह पूरी मिर्ति नहीं बल्कि सिर है। गाजा के पर्यटन और पुरावशेष मंत्रालय के निदेशक जमाल अबू रिदा ने बताया कि मूर्ति का हिस्सा खान यूनिस में शेख हमौदा में मिला था। जनता के लिए मंगलवार को इस मूर्ति का अनावरण किया गया।

किसान निदाल अबू ईद को खेत में काम करने के दौरान यह मिला। अरब न्यूज को किसान ने बताया, 'शुरुआत में मुझे विचार आया कि इसे किसी को बेच दिया जाए और पैसा कमाया जाए। लेकिन पुरातत्वविदों ने मुझे बताया कि इसका पुरातात्विक मूल्य कहीं ज्यादा है।' रिदा ने कहा कि मूर्ति को देखने के बाद मंत्रालय के कर्मचारियों ने निष्कर्ष निकाला की यह सिर कनानी पौराणिक कथाओं में प्रेम, सौंदर्य और युद्ध की देवी अनाद की मूर्ति का है।

कौन थे कनानी लोग
बाइबल के मुताबिक कनानी लोग प्राचीन समय में मूर्तिपूजक लोगों की सभ्यता थी। एकेश्वरवाद के आने से पहले वे येरूशलेम और मिडल ईस्ट में बसे हुए थे। रिदा ने कहा कि यह गाजा में रहने वाली सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक का यह प्रतीक है। मंत्रालय के अधिकारी नरीमन खाले ने कहा, गाजा में पाशा पैलेस म्यूजियम में अगले कुछ दिनों में यह मूर्ति रखी जाएगी।
सड़क की खुदाई में पुरातत्विदों के हाथ लगा 700 साल पुराना 'खजाना', जिसे समझा मामूली लकड़ी, निकला 80 फुट लंबा जहाज
लड़कियों के स्कूल को बनाया गया म्यूजियम
ये गाजा के कुछ म्यूजियमों में से एक है। पहले ये लड़कियों का एक स्कूल था, लेकिन जर्मनी की ओर से मिले अनुदान के बाद इसे म्यूजियम बना दिया गया। हालांकि गाजा में ज्यादातर बाहर से कोई पर्यटक नहीं आता है, क्योंकि इस क्षेत्र के अंदर और बाहर आवाजाही पर अत्यधिक प्रतिबंध है।

Post a Comment

Previous Post Next Post