Infosys Russia operations: रूस में कारोबार बंद करेगी इन्फोसिस, जानिए क्या है मामला

यूक्रेन पर हमले करने वाले रूस (Russia-Ukraine war) से कई कंपनियां किनारा कर चुकी हैं। इनमें अब भारत की दिग्गज आईटी कंपनी इन्फोसिस (Infosys) का नाम भी जुड़ गया है। हालांकि कंपनी के रूस छोड़ने के पीछे कुछ और ही वजह है। जानिए रूस से क्यों पिंड छुड़ा रही है इन्फोसिस..

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इन्फोसिस ने बुधवार को चौथी तिमाही का रिजल्ट घोषित किया।

हाइलाइट्स

  • रूस से अपना कारोबार बंद करेगी इन्फोसिस
  • कंपनी को लेकर ब्रिटेन में उठा था सियासी तूफान
  • ब्रिटेन के वित्त मंत्री हैं नारायण मूर्ति के दामाद
नई दिल्ली: यूक्रेन (Ukraine) पर हमला करने वाले रूस (Russia) से कई विदेशी कंपनियां किनारा कर चुकी हैं। उनमें अब भारत की दिग्गज सॉफ्टवेयर कंपनी इन्फोसिस (Infosys) का नाम भी जुड़ गया है। कंपनी ने रूस में अपना कारोबार समेटने का फैसला किया है। हालांकि इसकी दूसरी वजह है।
कंपनी के फाउंडर एनआर नारायण मूर्ति (NR Narayan Murty) के दामाद और बेटी को लेकर ब्रिटेन में सवाल उठ रहे थे। नारायण मूर्ति के दामाद ऋषि सुनक (Rishi Sunak) ब्रिटेन के वित्त मंत्री हैं।

इन्फोसिस ने बुधवार को मार्च तिमाही के नतीजों की घोषणा करते हुए रूस में कारोबार समेटने की बात कही। कंपनी के सीईओ और एमडी सलिल पारेख ने कहा, 'रूस में हमारा कोई क्लाइंट नहीं है। हम वहां अपने ग्लोबल क्लाइंट्स के लिए काम करते हैं। रूस में हमारे पास 100 से कम कर्मचारी हैं। हमारे कामकाज को वहां से बाहर ले जाना शुरू कर दिया है। हमारा फिलहाल रूस के किसी भी ग्राहक के साथ कोई कारोबार नहीं है। आने वाले समय में भी हमारी उनके साथ काम करने की कोई योजना नहीं है।'

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क्यों करना पड़ा ऐसा फैसला

पारेख ने कहा कि कंपनी रूस में अपने कर्मचारियों को दूसरे देशों खासकर पूर्वी यूरोप के देशों में जाने में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि एक कंपनी के तौर पर इन्फोसिस चाहती है कि रूस और यूक्रेन मिलकर शांति का कोई रास्ता निकालें। कंपनी ने वहां मानवीय कार्यों में मदद के लिए 10 लाख डॉलर का एक फंड लॉन्च किया है। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के बाद इन्फोसिस देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी है। इसका कारोबार कई देशों में फैला है।

यूक्रेन पर रूस हमले के बाद ब्रिटेन के वित्त मंत्री ऋषि सुनक ने कंपनियों को रूस के साथ कारोबार बंद करने को कहा था। इसके बाद ही वह विपक्ष के निशाने आ गए थे। ऋषि सुनक और अक्षता मूर्ति को इस बात को लेकर घेरा जा रहा था कि अक्षता रूस में इन्फोसिस के परिचालन से हो रही कमाई में हिस्सेदार हैं और इस पर ब्रिटेन में टैक्स नहीं दे रही हैं। अक्षता की इन्फोसिस में हिस्सेदारी है और कंपनी ने रूस में अपना परिचालन जारी रखा था। विपक्ष का आरोप था कि सुनक के घर में ही उनके निर्देशों का पालन नहीं हो रहा है।

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सुनक पर उठ रहे थे सवाल
सुनक पर इस्तीफा देने के लिए भी दबाव बनाया जा रहा था। अक्षता मूर्ति ने अपनी वर्ल्डवाइड इनकम पर ब्रिटेन में टैक्स का भुगतान करने की घोषणा की थी। हालांकि वह भारत की नागरिक हैं और ब्रिटेन में वह 'नॉन डोम' स्टेटस रखती हैं। यानी वह ब्रिटेन के बाहर हो रही कमाई पर ब्रिटेन में टैक्स देने के लिए बाध्य नहीं हैं। लेकिन अपने पति पर ऊपर उठ रहे सवालों को शांत करने के लिए उन्होंने विदेश में हुई कमाई पर ब्रिटेन में भी टैक्स देने का फैसला किया था। माना जा रहा है कि इस विवाद को खत्म करने के लिए कंपनी ने रूस से किनारा करने का फैसला किया है।

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