Ichthyosaur Fossil: डायनासोर के काल में था इस 'राक्षस' का आतंक, 20 करोड़ साल पहले धरती पर मौजूद था ब्लू व्हेल से बड़ा जीव, 1 टन मांस थी खुराक!

Ichthyosaur Fossil Found: स्विस एल्प्स की पहाड़ियों में एक पत्थर में इचथियोसर का एक दांत मिला है। डायनासोर के समय का इन्हें राक्षस भी कहा जा सकता है। ये दांत करीब 3 इंच चौड़ा है जो किसी भी व्हाइट शार्क को आसानी से चीर सकता था। ये समुद्र में पाए जाते थे और ब्लू व्हेल से भी बड़े थे।

Ichthyosaur
एल्प्स माउंटेन में मिला इथियोसर का दांत। (साभार ट्विटर-@UniBonn)

हाइलाइट्स

  • इचथियोसर का एक दांत स्विस एल्प्स की पहाड़ियों में मिला है
  • इचथियोसर के दांत तीन इंच चौड़े और बेहद नुकीले होते थे
  • ब्लू व्हेल से भी ज्यादा बड़े होथे थे इचथियोसर
बर्न: पृथ्वी पर करोड़ो साल पहले समुद्र पर राज करने वाले एक राक्षस के बारे में पता चला है। ये एक डायनासोर राक्षस है जो एक पहाड़ी पर मिला है। स्विस एल्प्स की पहाड़ियों में इचथियोसर के जीवाश्म अवशेष मिले हैं। इसका एक दांत मिला है जो करीब 3 इंच चौड़ा है। ये दांत इतने मजबूत थे कि किसी भी बड़ी व्हाइट शार्क को आसानी से चीर सकते थे। इसका आकार करीब 70 फीट से ज्यादा बड़ा होता था।

विशेषज्ञों का मानना है कि इसकी बॉडी एक प्राचीन महासागर के तल में संरक्षित थी। लेकिन समय के साथ पृथ्वी की टेक्टॉनिक प्लेटों में टकराव से एल्प्स की पहाड़ियों का निर्माण हुआ और इसके अवशेष ऊपर की ओर आ गए। 20 करोड़ 50 लाख साल पहले ये पृथ्वी पर रहते थे। डायनासोर के विपरीत इचथियोसर के जीवाश्म ज्यादा देखने को नहीं मिलते हैं। यह आज भी एक रहस्य है।
टूरिस्ट के लिए सजा बन गई नाव की सवारी, समुद्र से निकली इस चीज ने बोट को हवा में उड़ाया, देखें वीडियो
ब्लू व्हेल से ज्यादा बड़े होते थे
ज्यूरिख यूनिवर्सिटी के डॉ हेंज फुरर ने कहा, 'ये अब तक के सबसे विशाल शिकारी जीवों में से एक था। ये अपने बड़े-बड़े दातों का इस्तेमाल मछलियों और मगरमच्छ को पकड़ने के लिए करता था।' कोसेन रॉक फॉर्मेशन में तीन जानवर पाए गए है। इन्हें इचथियोसर (Ichthyosaur) के नाम से जाना जाता है, जो आज की ब्लू व्हेल से भी ज्यादा भारी रही होगी।
Food Crisis : अगले 27 साल में खत्म हो जाएगा खाना, वैज्ञानिकों ने दी चेतावनी- अभी नहीं जागे तो हो जाएगा 'अनर्थ'
एक टान मांस खाते थे
कनाडा में भी पहले इसके अवशेष मिले थे, लेकिन वे बिना दांत के थे। जिंदा रहने के लिए ये राक्षस हर रोज लगभग एक टन मांस खाते थे। बॉन विश्वविद्यालय के शोधकर्ता डॉ मार्टिन सैंडलर ने कहा कि ये बहुत डरावने थे और इनके जबड़े खतरनाक थे। बड़े शरीर के अपने लाभ हैं। लेकिन बड़ी मछलियों के शिकार के दौरान ये थक जाते रहे होंगे।

Post a Comment

Previous Post Next Post