बिना अतिरिक्त शुगर, कलर या फ्लेवर के मिलाए कपिवा डाय फ्री जूस में करेला, विजयसर, बेलपत्र, तुलसी, नीम और गुड़मार जैसे रिसर्च आधारित कई शक्तिशाली इंग्रेडिएंट्स हैं। यह डॉक्टर और एक्सपर्ट न्युट्रिशनिस्ट की तरफ से रेकमेंडेड है।

मधुमेह या डायबिटीज क्या है?
डायबिटीज एक क्रॉनिक हेल्थ कंडीशन है जो आपके शरीर के भोजन को ऊर्जा में बदलने की प्रक्रिया को प्रभावित करती है। आप जो भी भोजन करते हैं उसका ज्यादातर हिस्सा शुगर (जिसे ग्लूकोज भी कहा जाता है) में बदल जाता है और ब्लड में चला जाता है। जब भी आपका ब्लड शुगर बढ़ता है यह पैंक्रियाज को इंसुलिन रिलीज करने का संकेत देता है जो भोजन से लिए गए ग्लूकोज को एनर्जी में बदलने में मदद करता है।
इंसुलिन आपके शरीर की कोशिकाओं में मौजूद ब्लड शुगर को एनर्जी के रूप में इस्तेमाल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अगर आपको डायबिटीज है, तो आपका शरीर या तो पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन का निर्माण नहीं कर पा रहा है या इंसुलिन का सही इस्तेमाल नहीं कर पा रहा है। टाइप 2 डायबिटीज, मधुमेह का सबसे आम प्रकार है जिसमें शरीर ग्लूकोज को कोशिकाओं तक लाने के लिए इंसुलिन का सही उपयोग नहीं कर पाता। इसे इंसुलिन प्रतिरोध कहते हैं। इसका परिणाम यह होता है कि ब्लड शुगर ऊर्जा के रूप में बदलने के लिए इन कोशिकाओं में नहीं जा पाती है। जब शुगर इन सेल्स में नहीं जा पाती है तो ब्लड में इसकी ज्यादा मात्रा इकट्ठा हो जाती है। समय के साथ यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बनने लगता है जैसे कि हार्ट से जुड़ी दिक्कतें, आंखों की रोशनी कम होना और किडनी से जुड़ी समस्याएं।
कपिवा डाय फ्री जूस में मौजूद हर्ब्स इंसुलिन रेजिस्टेंस को कम करने में मदद करती हैं
बिना अतिरिक्त शुगर, कलर या फ्लेवर के मिलाए कपिवा डाय फ्री जूस में करेला, विजयसर, बेलपत्र, तुलसी, नीम और गुड़मार जैसे रिसर्च आधारित कई शक्तिशाली इंग्रेडिएंट्स हैं। यह डॉक्टर और एक्सपर्ट न्युट्रिशनिस्ट की तरफ से रेकमेंडेड है जो इंसुलिन निर्माण या इंसुलिन की प्रतिक्रिया में सुधार के लिए शरीर की क्षमता को बढ़ाता है और कोशिकाओं को ब्लड ग्लूकोज का प्रभावी तरीके से इस्तेमाल करने में मदद करता है।
इंग्रेडिएंट्स चेकलिस्ट: शक्तिशाली आयुर्वेदिक हर्ब्स का समृद्ध मिश्रण
इस आयुर्वेदिक ड्रिंक में यह चीजें शामिल हैं
- करेला या बिटर मेलन ब्लड शुगर लेवल को कम करने में मदद करता है। इसमें एंटी डायबिटिक गुणों वाले तीन मुख्य सक्रिय पदार्थ होते हैं। इनमें एक है चरंती जो ब्लड शुगर को कम करता है। दूसरा विसीन और तीसरा इंसुलिन जैसा एक पदार्थ है जिसे पॉलीपेप्टाइड-पी के नाम से जाना जाता है।
- विजयसर और कुटकी में डाइयूरेटिक गुण होते हैं, जो बार-बार पेशाब लगने, थकान, जोड़ों के दर्द जैसे लक्षणों को कम करने में मदद करते हैं। यह इंसुलिन उत्पादन बढ़ाने और बीटा सेल रीजेनरेशन की शरीर की क्षमता को भी सुधारते हैं।
- बेलपत्र में 'फेरोनिया गम' नाम का एक सक्रिय पदार्थ होता है, जो कोशिकाओं से ब्लडस्ट्रीम में इंसुलिन के निर्माण को नियंत्रित करता है।
- नीम, गुड़मार और तुलसी में शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो इंसुलिन रिलीज और ब्लड शुगर लेवल को प्रबंधित करने, इम्युनिटी को मजबूत और पैंक्रियाटिक सेल्स को सही तरीके से काम करने में सहायता करते हैं।
- जामुन, गिलोय, आमला, मेथी जैसे हर्ब्स में भरपूर मात्रा में घुलनशील फाइबर होते हैं, जो डाइजेशन और कार्बोहाइड्रेट मेटाबॉलिज्म को सुधारती हैं, जिससे ब्लड शुगर के अत्यधिक उतार-चढ़ाव को कंट्रोल किया जा सकता है। यह हर्ब्स डाइजेस्टिव डिसऑर्डर को भी कम करती हैं।
- चिकित्सकीय गुणों वाली इन सभी नेचुरल हर्ब्स से भरपूर कपिवा डाय फ्री जूस को अगर नियमित लिया जाता है, तो यह लंबे समय तक चलने वाली एलोपैथिक दवाओं पर निर्भरता को कम कर सकती हैं और इस तरह से जीवन की गुणवत्ता में सुधार कर सकती हैं।
इस प्रोडक्ट को 10,000 से अधिक लोग पसंद और इस पर भरोसा करते हैं। इनमें से 105 डाय फ्री यूजर्स के साथ हाल में की गई एक स्टडी में नीचे बताए गए महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए:
86% डाय फ्री जूस प्रयोग करने वाले लोगों ने अपना ब्लड शुगर लेवल कम कर लिया।
81% डाय फ्री जूस यूजर्स ने अपना एनर्जी लेवल बढ़ता महसूस किया।
85% डाय फ्री जूस यूजर्स ने अपने ब्लड प्रेशर में सुधार महसूस किया।
94% डाय फ्री जूस प्रयोग करने वालों ने कहा कि वह इसे अन्य डायबिटिक लोगों को रेकमेंड करेंगे।
सबसे बढ़कर 98% डाय फ्री जूस यूजर्स ने कहा कि वह मार्केट में उपलब्ध अन्य प्रोडक्ट की तुलना में इस प्रोडक्ट को अधिक महत्व देंगे।
यह एक आयुष सर्टिफाइड प्रोडक्ट है जिसमें अतिरिक्त चीनी, आर्टिफिशियल फ्लेवर और कलर नहीं है। डाय फ्री जूसएक शानदार नेचुरल हर्बल मिश्रण है जो आज के समय में मिल रहा है। आपको सिर्फ इतना करना है कि 30ml डाय फ्री जूस को 30ml पानी में मिलाकर भोजन से पहले दिन में दो बार इसका सेवन करना है। अगर इसे सुबह के समय लिया जा रहा है तो इसे खाली पेट लिया जाना चाहिए।
इसे आप आज ही अपने डायबिटीज केयर डाइट में शामिल करें और स्वस्थ, खुशहाल जिंदगी की ओर बढ़ें।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में व्यक्त किए गए विचार/सुझाव/राय पूरी तरह से संबंधित ब्रांड की जिम्मेदारी है। इसे चिकित्सकीय सलाह के विकल्प के तौर पर नहीं लिया जाना चाहिए। अधिक जानकारी के लिए अपने हेल्थ केयर प्रेक्टिशनर से सलाह लें। यह लेख कपिवा की ओर से टाइम्स इंटरनेट की स्पॉटलाइट टीम द्वारा तैयार किया गया है।
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