अगले वर्ष पाँच राज्यों में चुनाव होने हैं और इससे पहले ही सलमान खुर्शीद और राशिद अल्वी जैसे नेता अपने बयानों से भाजपा के लिए अवसर और कांग्रेस पार्टी के लिए नई मुसीबत का कारण बन रहे हैं। अब मणिशंकर अय्यर की एंट्री ने विवादों में घिरी कांग्रेस के लिए आग में घी डालने का काम किया है। मणिशंकर अय्यर ने दावा किया कि मुगलों ने कभी देश में धर्म के नाम पर अत्याचार नहीं किया। इसके बाद तो मुगल शासकों की तारीफों के पुल बांधने में उन्होंने तनिक भी समय नहीं लिया। हालांकि, ये काम इनके लिए कोई नया भी नहीं है, ये कई बार कई अवसरों पर अपने विवादित बयानों से कांग्रेस पार्टी की फजीहत करा चुके हैं और चुनावों में भाजपा की जीत का कारण बन चुके हैं।
मुगलों ने इस देश को अपना बनाया
नेहरू जयंती पर हुए एक कार्यक्रम के दौरान मुगलों की तारीफ करते हुए मणिशंकर अय्यर ने कहा, "अंग्रेजों और मुगलों मे बड़ा अंतर था। मुगलों ने इस देश को अपना बनाया। अंग्रेजों ने कहा कि नहीं .. हम तो यहां राज करने आए हैं। बाबर जो थे, जिसकी औलाद भारतीय जनता पार्टी के लोग अक्सर मुझे नाम देते हैं...कि ये बाबर की औलाद है...इन लोगों को मैं बताना चाहता हूं कि वही बाबर भारतवर्ष आया सन 1526 में और उनकी मौत हुई 1530 में..मतलब वो भारत में मात्र 4 साल रहे...उन्होंने हूमायूं को बताया कि यदि आप इस देश को चलाना चाहते हो...यदि आप अपने साम्राज्य को सुरक्षित रखना चाहते हो तो आप यहां के निवासियों के धर्म में दखल ना दीजिएगा।"
बाबर की शान में कसीदे
बाबर पर अय्यर ने कहा, “उनके बेटे अकबर ने इस देश में पचास साल तक राज किया। इसी को मद्देनजर रखते हुए जहां मैं जब मंत्री था.. तब रहता था वो दिल्ली में एक सड़क है, जहां कांग्रेस दफ्तर है, वह अकबर रोड पर है। हमें अकबर रोड से कोई एतराज नहीं। हम अकबर को अपना समझते हैं और हम उन्हें गैर नहीं समझते। उनकी शादियां राजपूतों से होती थीं। नतीजा ये कि जहांगीर आधा राजपूत थे और उनके बेटे शाहजहां चार में से तीन हिस्सा तो हिंदू।"
सिर्फ 80% लोग ही असली भारतीय
अय्यर ने आगे बताया कैसे कभी मुगलों ने कोई अत्याचार नहीं किया, बल्कि केवल आरोप लगाए जाते हैं। उन्होंने कहा, '1872 में अंग्रेजों ने पहली जनगणना करवाई और उससे पता लगा कि 666 साल राज करने के बाद मुसलमानों की तादाद भारत में तकरीबन 24 फीसदी की थी और हिंदुओं की 72 फीसदी थी। फिर भी कहते हैं कि मारपीट हुई, सब लड़कियों के साथ बलात्कार हुआ और इन्होंने सबको मुसलमान बना दिया। अरे अगर मुसलमान बनते तो आंकड़े अलग होने चाहिए। 72 प्रतिशत मुसलमान होने चाहिए और 24 प्रतिशत हिंदू होने चाहिए, लेकिन असलियत क्या था कि इतने ही थे। इसलिए बंटवारे से पहले जिन्ना का एक ही मांग था कि सेंट्रल असेंबली में हमें 30 फीसदी आरक्षण दीजिए। उन्होंने अधिक नहीं मांग। मगर उन्हें इनकार कर दिया गया, क्योंकि उनकी तादाद मात्र 26 फीसदी ही थी।
इसके साथ ही भाजपा पर निशाना साधते हुए अय्यर ने कहा कि आज सत्ता में बैठे लोगों के लिए सिर्फ 80% लोग ही असली भारतीय हैं, बाकी मेहमान बनकर रह रहे हैं। इन लोगों को केवल 80 प्रतिशत की ही चिंता है, ये देश को बांटने का काम कर रहे हैं। इसके बाद भाजपा ने मणिशंकर अय्यर को घेरना शुरू कर दिया।
सोशल मीडिया पर दिखा रोष
मणिशंकर अय्यर के इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों की अलग तरह की प्रतिक्रिया देखने को मिली है। किसी यूजर ने इसे कांग्रेस के विचार बता दिए तो किसी ने कहा कि अब कांग्रेस किनारा करेगी इस बयान से ?
साल 2014 के लोकसभा चुनाव
2014 के लोकसभा चुनाव से पहले मणिशंकर अय्यर ने नरेंद्र मोदी के लिये ‘चायवाला’ शब्द का इस्तेमाल किया था। सोशल मीडिया पर अय्यर के इस बयान की काफी आलोचना हुई थी और कांग्रेस पार्टी को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। कांग्रेस को इसका खामियाजा लोकसभा में हार का सामना करके भुगतना पड़ा था।
मणिशंकर अय्यर ने कई मौकों पर पार्टी की फजीहत की है, कई बार उनके खिलाफ एक्शन भी लिया गया, परंतु चुनावों से पहले वो कोई ना कोई ऐसा विवाद जन्म दे ही देते हैं जिसके बाद कांग्रेस डैमज कंट्रोल नहीं कर पाती। 2022 में कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले मणिशंकर अय्यर की एंट्री होना कांग्रेस को बैकफुट पर ला सकता है।
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